* आजाओ कन्हैया *

आजाओ कन्हैया हमरी नगरियाँ में
पाप बढ़ी है भाड़ी
आजाओ कृष्ण मुरारी ,

नारी यहाँ द्वौपती बनी
तुम्हारी नाम रही पुकारी
आज द्वयोधन और दुशासन की
संख्या बढ़ रही है भाड़ी ,

आजाओ कन्हैया हमरी नगरियाँ में
पाप बढ़ी है भाड़ी
आजाओ कृष्ण मुरारी ,

काल यमन को लोग यहाँ बुलाए
अपनी सभ्यता संस्कृती मिटाए
घर की ईज्जत बेच कर
लूट रहें वाह-वही ,

आजाओ कन्हैया हमरी नगरियाँ में
पाप बढ़ी है भाड़ी
आजाओ कृष्ण मुरारी ,

ऋषि-मुनि ना रहें यहाँ
ना रहें साधु-सन्यासी
छल-प्रपंच का पहरा यहाँ पर
धर्म के नाम पर बने लोग व्यापारी ,

आजाओ कन्हैया हमरी नगरियाँ में
पाप बढ़ी है भाड़ी
आजाओ कृष्ण मुरारी ,

सरकार घोटालो में लिप्त है
प्रशासन भी उस में संलिप्त है
जमीर लोगों ने बेच दिया
अब देश बेचने की बरी ,

आजाओ कन्हैया हमरी नगरियाँ में
पाप बढ़ी है भाड़ी
आजाओ कृष्ण मुरारी ,

नर नर ना रहा
ना रही नारी नारी
कर्म-धर्म सब भूले लोग
कलयुग से कर रहे यारी ,

आजाओ कन्हैया हमरी नगरियाँ में
पाप बढ़ी है भाड़ी
आजाओ कृष्ण मुरारी।

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