जातिवाद ही खतरा है…

न भ्रष्टाचार खतरा है
न अत्याचार खतरा है
ऊंच- नीच, भेदभाव ने
 ———————
न कोई हिन्दू खतरा है
न मुसलमान खतरा है
हज़ारों साल गुलामी के
 ———————
न चीन ही खतरा है
न पाकिस्तान खतरा है
फ़िज़ा में जाति ज़हर है जो
———————
न नक्सलवाद खतरा है
न आतंकवाद खतरा है
इस पावन मातृभूमि पर
Hindi poem by Mithilesh Anbhigya, based on casteism in India,

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 04/09/2015
  2. Hitesh Kumar Sharma Hitesh Kumar Sharma 04/09/2015
  3. Amitu Sharma 05/09/2015

Leave a Reply