कही संगम होगी //ग़ज़ल//

आ तुझे रंग दू प्यार की अबीर में ।
दीप जला दू तेरे दिल की मंदिर में ।।

न भूल पाता हूँ एक पल भी तुझे ।
ख़ुदा आता है नजर तेरी तस्वीर में ।।

कही संगम होगी हमारी कभी न कभी ।
ख़ुदा ने लिखा तेरी नाम मेरे तक़दीर में ।।

दिल की उपवन में खिलेगी गुल रंग बिरंग ।
मेरे पास आएगी तेरी चुनर बसंत समीर में ।।

तू है दीवानी दुष्यंत का लड़कपन से ।
मेरे नयन से बहे वारि तेरी पीर में ।।

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/09/2015
  2. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 04/09/2015

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