हकीकत ……


कोई दिल देता है,
कोई जान देता है,
कोई दोस्ती की कसम,
कोई प्यार का वास्ता देता है !
हमदर्दी के नजराने ये
ज़माना हजार देता है
कितनी मतलबी ये दुनिया
बहुत करीब से हर बार देखा है !
किसको अपना कहे
समझे किसको पराया
इस भ्रमजाल में
उलझा हुआ हर कोई देखा है !
बाते करते है सब
बहुत बड़ी – बड़ी
झूठे दिलासे के लिए
जरुरत में कब कोई साथ देता है !!
हकीकत तो ये है
मेरे प्यारे दोस्तों
गर्दिश में जब तारे हो
अपना साया भी साथ छोड़ देता है !!

2 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 02/09/2015
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/09/2015

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