हैसियत

जहाँ जाे कुछ मिले सबकाे उल्लू बनाइए
अपनी अाैकातकाे मत देखिए
दुसराे‌काे गुल खिलाते जाइए

दिखावा ताे एेसा करिए
कि साेनेका चस्मा पहनते हाे
अन्दरसे सब दुसरोका काम बिगाडके
दिखावेमे बहुत महान महापुरुष बनते हाे ।

हाथी पर काेइ बिराजे ताे
बाबु घरके घुर पर मत बिराजियाे
अपने हैसियत भी बाबु
मत भुलाइयाे ।

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