सुकून

सुकून भरा बचपन बीता माँ के आगोश में…..
जब नींद भी बिन बुलायी मेहमान हुआ करती थी….
वो बात अब इस व्यस्तता भरी जवानी में कहाँ…
बचपन के बाद अरसे बीत गए ,
चैन की नींद और सुकून की तलाश में ….
बचपन के बाद ये दोनों किस्मत का हिस्सा बन जाते हैं …
हम अक्सर बोला करते हैं..
चैन की नींद और सुकून हमारी किस्मत में कहाँ ..

2 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 02/09/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/09/2015

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