वर्षा रानी जल्दी आना ।

वर्षा रानी जल्दी आना,
आकर सब की प्यास बुझाना,
थोड़ी- थोड़ी ही तुम आना,
आपने दर्शन देती जाना ।

पता तुम्हें क्या बीत रही है,
इन धधकती ज्वालों में,
गर्मी से जलती धरती, और
हवाओं के हर झोकों में ।

तन – मन मेरा काँप रहा है,
सब खून – पसीना सूख रहा है,
सूरज से निकली तपो में,
दुनियाँ ये सारा झुलस रहा है,

वर्षा रानी जल्दी आना ,
आकर हम सब की प्राण बचाना।

एक सिकायत करता हूँ मैं,
बादल फट के तू न आना,
गर्जन के संग तू न आना ,
आँधी लेकर तू न आना,
आना तो बस ऐसे आना,
सब को जीवन देती आना ।

वर्षा रानी जल्दी आना,
आकर सब की प्यास बुझाना,
थोड़ी – थोड़ी ही तुम आना,
अपना दर्शन देती जाना ।
वर्षा रानी जल्दी आना ।

——- संदीप कुमार सिंह ।

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया D K Nivatiya 01/09/2015
    • संदीप कुमार सिंह sandeep 05/09/2015
  2. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 01/09/2015
  3. संदीप कुमार सिंह sandeep 05/09/2015

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