तु इन्तजार की बात कर

हमेशा इधर उधर की ना बेकार की बात कर,
करनी है तो इश्क मुहब्बत या प्यार की बात कर,
तेरे आंसुओं के बदले अपने होंठों की हंसी दे दी,
समझ आती है तो ऐसे कारोबार की बात कर,
खत भेजा है तेरे नाम हवाओं के हाथों,
पहुंचेगा रख हौंसला, कभी तो ऐतबार की बात कर,
क्या तुमने भी कभी मिलने की दुआ मांगी है,
तु भी तो कभी दिले बेकरार की बात कर,
हर दस्तक पे तेरे आने की उम्मीद करतें हैं,
इम्तेहान मत ले योगी का तु इन्तजार की बात कर,