* चुनावी त्योहार *

चुनाव का त्योहार आया
होली का हुड़दंग भी जिस से सरमाया
नेता एक दूजे पर कीचड़ उछलें
समर्थन और विरोध में कसीदा काटें ,

कहते यह लोकतंत्र का पावन पर्व है
इसमें नहीं किसी को कोई शर्म है
एक दूजे को करें बदनाम
इसी से समझें अपने को महान ,

मुख से लोग आग उगलते
जैसे करने चलें हैं
होलिका दहन या हो
ड्रैगन का संतान ,

किसी तरह उन्हें जीत चहिए
चाहे उन्हें पहनना पड़े नरमुण्ड
या जाना पड़े श्मशान
देखो गजब है यह “चुनावी त्योहार ” ।
प्रस्तुतकर्ता नरेन्द्र कुमार

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  1. Sukhmangal Singh sukhmangal singh 24/08/2015

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