हर कदम के साथ

इन्सान चाहता है साथ हर कदम के साथ,
मिल जाता है नया चेहरा हर कदम के साथ,
जमाने की भीड में फिर हम ही तन्हा हैं,
या बदलतें हैं कदम रास्ता हर कदम के साथ,
मिले कई शख्स पर कोई अपना ना मिला,
छोड जाता है कोई अपना ही साथ हर कदम के साथ,
जिसको भी पाया खुद से नाराज पाया,
टूट जाता है कोई दिल हर कदम के साथ
तन्हाई ही चलती है योगी अब हर कदम के साथ,
परछाई भी अब नजर नहीं आती हर कदम के साथ,