चाहत लव्जों मे ……[शेर]

तडफ मुहब्बत् की जब ,दिल बेकरार करती हो !
चाहत लव्जों मे आने का इन्तजार करती हो !!

कदम अल्फाजों के गुम्सुम से , उल्फत के सितारे हों !
दिल मे बेचैनी का आलम हो , सिले से लव तुम्हारे हो !!

सुलगती आग जब हर पल बदन को जलाती हो !
रोशनी चांद सी जब , तेरे दिल को लुभाती हो !!

उठे उलझन की होड , ख्यालों के सवालों मे !
बस एक चहरा नजर आये , अंधेरे मे उजालों मे !!

बबंडर इश्क का उठता , उसे एक आसरा चाहिये !
कैद कर ले कोई दिल मे , ऐसा कठघरा चाहिये !!

उठा तूफान इश्क का , डरना क्या जमाने से !
बेफिक्र हो इजहार कर , किसी ना किसी बहाने से !!

कर हौसला आजमाईस , मुहब्बत हर वार नहीं होगी !
मेरा दावा है की , सच्चे प्यार की कभी हार नहीं होगी !!

अनुज तिवारी “इन्दवार”

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/08/2015
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 19/08/2015
  2. Ankita Anshu Ankita Anshu 19/08/2015
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 19/08/2015

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