इस लीक से हटकर

इस लीक से हटकर मुझे चलना ही है
मैं बदला तो नहीं मगर बदलना ही है
अब जब सियासत में आ ही गए हैं तो
सरे बाजार में नाम तो उछलना ही है
घटाएॅ आकर छॅट जाती हैं इनका क्या
उजाला संग सूरज तो निकलना ही है
कोई अपाहिज है तो भले ना बढ़े आगे
वक्त तो वक्त है इसे चलना ही है
लोग मुझे जीने से पहले मार देते हैं
वैसे जी कर भी तो खूॅ निकलना ही है

4 Comments

    • sanjay kumar maurya sanjay kumar maurya 21/08/2015
  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 19/08/2015
    • sanjay kumar maurya sanjay kumar maurya 21/08/2015

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