*मैं आम आदमी हूँ *

मैं न नेता हूँ
न अभिनेता हूँ
न मैं शासक हूँ
न प्रशासक हूँ
अपनी नहीं है है
कोई पहचान।

सभी के बीच में मैं रहूँ
दुःख-दर्द सब सहूँ
किलत में जीने कि
हमें आदत पड़ी
सभी करते हैं मेरा
‘उपकार’
शासक प्रशासक या हो
‘सरकार’
न्यासी हो या सेठ साहूकार।

मेरी सुविधा के लिए
नेता वोट मांगे
मेरे नाम से पार्टी बनाए
न्यासी न्यास चलाए
दान दे सेठ-साहूकार।

फिर भी मैं जस का तस रहा
न बन सका मेरा कोई
अलग पहचान,
जब किसी से टकराऊ
तो लोग बोलें आम है
है न कोई खास
आप सोचते होंगे मैं कौन हूँ ?
मैं आम आदमी हूँ
मैं आम आदमी हूँ।

2 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 18/08/2015
    • नरेन्द्र कुमार नरेन्द्र कुमार 20/08/2015

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