याद रखना. सदा

होता जो बस में
ए मेरे लाल
कर देती यह दुनिया
सारी तेरे नाम
हैं सीमायें बहुत
मगर क्या करूँ
होता जो मुमकिन
तोड़ लाती चाँद तारे
भी तेरे लिए
खुश तुझे देख केर
खुश मैं रहूँ
जाऊं वारी न्यारी
खिखिलाती रहूँ
नहीं कुछ पास मेरे
दुआओं के सिवा
भर दूंगी उनसे
मैं झोलियाँ तेरी
दुनिया की हर ख़ुशी
तुमको मिले
हर पल हर क्षण
सुखी तू रहे
खुशिओं की हर  दम
बरसात हो
जी भर हँसे तू
नम मेरी आँख हो
हर माँ के दिल की
आशीष है
रहो मुस्कुराते
खिलखिलाते रहो
कभी टपके न आंसू
न गम ही कभी
तेरे आस पास हो
सुख दुःख तो हैं
सायों की तरह
अँधेरे कभी
कभी सुप्रभात है
इनका आना और जाना
जीवन की रीत है
खोना न धीरज
याद रखना सदा
है खेल सारा उसने रचाया

हरपल में है जो समाया
दिल माँ का भी उसीने बनाया
है तुम्हारी ख़ुशी में
ख़ुशी मेरे दिल की
याद रखना सदा
बात मेरे दिल की

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