अपनी बस यही कहानी है !!

अपनी बस यही कहानी है ,
एक हूर दूर से आई थी !
दिल के सूने गलियारे पे ,
गूंज उठी सहनाई थी !!

गूंज उठी सहनाई मानो ,
अमन चैन का जीवन हो !
अपनी सूरत देखी जिसमे ,
तुम वो प्यारा दर्पण हो !!

तुम वो प्यारा दर्पण हो ,
जिसने मुझको पहचाना है !
डूब गया दो नैनो मे ,
ये नैन नहीं पैमाना है !!

ये नैन नहीं पैमाना है ,
छलक रहा महखाना है !
एक झलक देखने को तेरी ,
तरस रहा दीवाना है !!

तरस रहा प्यासा दीवाना ,
म्रुग त्रष्णा की परछाई थी !
अपनी बस यही कहानी है ,
ऍक हूर दूर से आई थी !!

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 17/08/2015
  2. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 17/08/2015
  3. kiran kapur gulati Kiran kapur Gulati 18/08/2015
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 18/08/2015

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