कितना पावन है ये शिव का सावन महीना

कितना पावन है ये शिव का सावन महीना……
चारो तरफ गूंजे शिव नाम और हरभक्त बनता है शिव का दीवाना …..
कांवरियां बन भक्तजन जाते है शिवालय जल चढाने ….
हर हर महादेव की जयकारा लगाये बिन उनका मन नहीं माने …..
उमड़ती है इस पावन महीने में भक्तों की भीड़ देवनगरी में……
गूंजे ओम नमः शिवाय और बम बम भोले पावन भोला नगरी में …
गले में सर्प की माला और तन पर मृग का छाल…..
कितना अद्भुत है भोला तेरा श्रृंगार….
अर्ध चन्द्र मस्तक पर विराजे और जटा से निकले गंगा की धार …
ना मेवा ना मिसरी भांग बेलपत्री धतूरा तेरा आहार ……
अपने भक्त जनों पर तू दया दृष्टि बनाता है …
हर भक्त को अपनी सेवा करने का मौका देता है …..
देवों को अमृत देकर विष का प्याला पीता है…
तभी तो तू देवों का देव महादेव कहलाता है …..
मेरी अर्ज़ी है भोले बाबा तुझसे ….
ये अनमोल भक्ति का पागलपन मेरे अंदर बनाये रखना …
अपने चरणों में थोड़ी जगह इस नादान भक्तन को भी दे देना ….
दुनिया वाले जो भी बोले, बस तू मुझे अवगुडों से बचाते रहना ….
अपनी दया दृष्टि भोले बाबा मुझपर ऐसे ही बनाये रखना….
कितना पावन है ये शिव का सावन महीना……
चारो तरफ गूंजे शिव नाम और हरभक्त बनता है शिव का दीवाना …..

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