मुफलिसी

इतनी भी आसानी से,
दो दिलों की मुलाकात नहीं होती।
बुझता हुआ चिराग हो,
तो खुदा की इबादत आसान नहीं होती।
येतो मैं हूं कि जिंदा हूं,
वरना मुफलिसी में जिंदगी आसान नहीं होती।

2 Comments

  1. farah khan 13/08/2015
  2. Haya 13/08/2015

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