ज़िन्दगी हमारी तास के पत्ते की तरह

कैसी है ये ज़िन्दगी की कहानी भी ,
कभी इसमें है रुकावटें तो कभी है इसमें पूरी रवानी भी |
याद आती है कभी वो बचपन की अनमोल शैतानी भी ,
जब किया करते थे माँ के सामने खूब मनमानी भी |
आज वो सब घड़ी पार कर शुरू हो गई है ,
ये नादानी औए समझदारी भरी जवानी भी ……
ज़िन्दगी हमारी तास के पत्ते की तरह ,
कभी इसमें गुलामी….. तो कही राज़ करती रानी की कहानी भी |

कही कुछ आँखों में ख्वाब से भरा सपना है तो ,
कही कुछ आँखों में समंदर जैसा भरा पानी भी |
सफर के मोड़ पर कभी है अकेलापन भी ,
तो किसी पड़ाव में कुछ लोगो की मेहरबानी भी |
हर नया सबेरा लाता है अपने साथ नयी किरण ,
हर शाम डुबाती है अपने साथ कुछ कड़वी यादें भी |
कुछ लोग थक के हार मान जाते है इस ज़िन्दगी से ,
तो कुछ लोग के अंदर रहती है इसे जीने की दीवानगी भी |
ज़िन्दगी हमारी तास के पत्ते की तरह ,
कभी इसमें गुलामी …तो कही राज़ करती रानी की कहानी भी |

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