मैं जो हूँ वो

मैं जो हूँ वो, कोई जानता नहीं है |
शायद कोई यहाँ मुझे,
पहचानता नहीं है ||
खोये है भीड़ में हम,
यहाँ कोई सहारा नहीं है |
मेरे आंसू ही मुझे रुला देते है,
मेरी खुशियो का कोई किनारा नहीं है ||