भीगी भीगी अंधियारी में ….

भीगी भीगी अंधियारी में आओ सैंया मोरे , न तड़पाओ जिया हमार हो न जाए भोरे .
दीदार दर्पण से कर भी लेते तुम्हारा , अब तो दर्पण भी टूट गया मोरे ……
टुकड़ो को जोड़कर भी देखा ,पलकों को मरोड़कर कर भी देखा
पर नज़र न आये वो हमारे .
भीगी भीगी अंधियारी में आओ सैंया मोरे …….
मोरे मन के पुष्प मुरझा गयो , बगीचों में खो गयो भवरे,
रात अब भी है ज़िंदा , करो न देर सैंया हो जाओ अब हमारे .
भीगी अखियां सुखः गयी , प्यार की कश्ती दुब गयी ,
न लो इम्तिहान ओ सैंया , जो टूट जाए ये सपने सवेरे .
भीगी भीगी अंधियारी में आओ सैंया मोरे , न तड़पाओ जिया हमार हो न जाए भोरे .
Nitesh banafer

3 Comments

  1. Chirag Raja 08/08/2015
  2. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 08/08/2015
  3. nitesh banafer nitesh singh 09/08/2015

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