मैं भोजपुर से आयी हूँ ।

मैं भोजपुर से आयी हूँ ।

भोजपुर से आयी हूँ मैं
भोजपुरिया मेरा नाम
भाषा को मधुर बनाती हूँ मैं
मधु-रस भरना मेरा काम ।

होटो से तू छूले मुझको
मत कर मेरा अपमान
भोजपुर से आयी हूँ मैं
भोजपुरिया मेरा नाम ।

हे भाषा को जन्ने वाली
सबको एक सूत्र में रखने वाली
कण-कण में ज्योत जलाने वाली
हे भाषा को जन्ने वाली ।

लुप्त हो रही मेरी दुनियाँ
लुप्त हो रही है भोजपुरीया
साथ छोड़ रही है दुनियाँ
मुझे ही तोड़ रही है भोजपूरियाँ ।

जन्म से साथ निभायी हूँ
भूखे को रह दिखलायी हूँ
सदियों से बहती आयी हूँ
सुख-दुख भी साथ मैं लायी हूँ

मैं भोजपुर से आयी हूँ
भोजपुरिया मेरा नाम ।
भाषा को मधुर बनाती हूँ मैं
मधु-रस भरना मेरा काम ।

संदीप कुमार सिंह ।

2 Comments

  1. bibek sahani 08/08/2015
  2. संदीप कुमार सिंह sandeep 08/08/2015

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