जो सच है ही नहीं

जो सच है ही नहीं, उसे सच कैसे साबित करोगे।
मौत ही मुकद्दर है, जिन्दगी को सच कैसे साबित करोगे।
जो तस्वीर तूने मेरी बनायी है वो गलत है, खुदा के घर गुनेहगार कैसे साबित करोगे।
जो सच है ही नहीं, उसे सच कैसे साबित करोगे।