।।ग़ज़ल।।बर्बाद नही करता हूँ।।

।।गज़ल।।बर्बाद नही करता हूँ।।

दर्द कितना भी हो दोस्त तुम्हे याद नही करता हूँ।।
यकीं कर तुमसे मिलने की फरियाद नही करता हूँ ।।

डर मुझे भी है दोस्त गम के उन थपेड़ो का ।।
तभी तो इन आंशुओं को बर्बाद नही करता हूँ ।।

कही टूट न जाये कहर तुम पर मेरी यादो का ।।
दिल को रोका हूँ तभी,आबाद नही करता हूँ ।।

फ़िक्र मत कर टूट भी जाऊ तो कोई गम नही ।।
बेवफाई मैं टूटने के बाद भी नही करता हूँ ।।

जा चली जा मेरी यादो के शाये से दूर कही ।।
मैं भी भुला दूँगा पर उन्माद नही करता हूँ ।।

…….R.K.M

3 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 03/08/2015
  2. Ankita Anshu Ankita Anshu 03/08/2015
  3. रकमिश सुल्तानपुरी राम केश मिश्र 03/08/2015

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