लड़की

कोई मासूम ख्वाब है लड़की
जिल्दवाली किताब है लड़की
है सितम आपका हमारा जो
हर जगह लाजवाब है लड़की
सारे रिश्ते गुनाह है उसके
सबके बदलते हिजाब है लड़की

खून जब रंग सुखकर होगा
सब कहेंगे गुलाब है लड़की
कोई मासूम ख्वाब है लड़की
जिल्दवाली किताब है लड़की
वक़्त मत पूछ एक लड़के से
वक़्त बेहद ख़राब है लड़की
वह ना जाने क्यों माँ यह कहती है
किस जनम का हिसाब है तू लड़की
मेरी खातिर कोई गजल है लड़की
खुद की खातिर अंदाज़ है लड़की
एक जिल्दवाली किताब है लड़की
कोई मौसम ख्वाब है लड़की
कोई मासूम ख्वाब है लड़की |

कनक श्रीवास्तवा

One Response

  1. ashok jain 16/08/2015

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