अनमोल चिराग – कलाम……

अनमोल चिराग – कलाम……

बुझ गया भारत का एक अनमोल चिराग ,
खो दिया भारत ने एक अद्भुत पराग |
भारत माँ का दुलारा लाल था….
मुस्कुराते रहना ही उनके जीवन का सिद्धांत था ….
बचपन गरीबी के गहरे संकट से गुज़ारा था ….
सबसे पहले अखबार बेचकर उन्होंने ज़िन्दगी में ,
खुद को आगे बढ़ाया था ……
फिर कठोर परिश्रम से अपने नए जीवन को सँवारा था ….
उन्होंने राष्ट्रपति ,वैज्ञानिक और अभियंता का भूमिका निभाया …
भारत को कीमती भारत रतन भी उन्होंने दिलाया …..
प्रक्षेपण यानों तथा मिसाइल प्रऔद्योगिकी के क्षेत्र में,
उन्होंने भारत को बड़ा योगदान दिलाया….
फिर हम सबने उन्हें मिसाइल मैन कहकर बुलाया …..
तो परिवार और मित्रजन ने आजाद कहकर बुलाया ….
हमसबको उन्होंने सफलता का पाठ सिखलाया ……
ऐसे महान थे हम सबके कलाम …..
जिन्होंने भारत को दिया प्रगति का ज्ञान तमाम …
दिल में बसे रहेंगे आप कलाम……
हर भारतवासी का है आपको सत-सत प्रणाम…..

(अंकिता आशू )

One Response

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/07/2015

Leave a Reply