आओ….हम तुम प्यार करें !!

जी भर के इकरार करें !
आओ …. हम तुम प्यार करें !!

ये बेदर्द जमाने की आहट
हमको बहुत सताई थी ,
लू के गरम थपेडे जैसे
पीडा भरी जुदाई थी ,
अब बागों मे बहारें चहक रहीं ,
हम सावन का सत्कार करें !
आओ …. हम तुम प्यार करें !!

खुशबू से फिजाएं महक उठी
समा रंगो से नहाई है ,
अंगडाई लेती ये बसन्त
सौगात मिलन की लाई है ,
जैसे जोडे तोता मैना के ,
हम खुद को तैय्यार करें !
आओ…. हम तुम प्यार करें !!

हम खुद मे खो जायें ऐसे
खुद का भी ख्याल ना हो ,
अरमानो के बीच खडा
दौलत का मायाजाल ना हो ,
छोड जमाने की झंझट ,
अब घर आंगन गुल्जार करें !
आओ …. हम तुम प्यार करें !!

वर्षों पहले संग मिलकर
हम जो ख्वाब संजोये थे ,
खिली हुई अब वो कलियां
उस दिन जिनको बोये थे ,
अब ख्वाबो से बाहर आकर ,
हम सपनो को साकार करें !
आओ…. हम तुम प्यार करें !!

अनुज तिवारी “इन्दवार”

4 Comments

  1. Gyanipandit 26/07/2015
  2. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 26/07/2015
  3. डी. के. निवातिया dknivatiya 27/07/2015
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 27/07/2015

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