ना किसी ने मुझसे मोहब्बत की है !!

जिन्दगी बस एक सिकायत ही है !
मैने कभी ना बागावत की है !
जो अरमां थे अपने वो विखरे पडे ,
ना किसी ने मुझसे मोहब्बत की है !!

हुस्न दिलरुबा का इस कदर जहन मे था !
मदहोश थे और कुछ ना ध्यान मे था !
निकले उसी का आसरा लेकर ,
जिसने ना तो प्यार की इजाजत दी है !!
ना किसी ने …….!!

हमेशा हमने उनके फरोग की दुआ मागी !
उन्होने हमेशा उसका एक्तिजाज किया !
इस एक्तिजाज को प्यार का तास्सुरात समझ बैठे ,
हम नादान थे बहुत , नादानी मे ऐसी सरारत की है !!
ना किसी ने ………!!

खूबसूरती उनकी कोई जुवान ना कह सके !
वो खूबसूरत थे बहुत हम बयां ना कर सके !
तूफान से उनकी अदाओं के कारनामे ,
दिल ने उसे पाने की इबादत की है !!
ना किसी ने ……….!!

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/07/2015
  2. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 25/07/2015

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