ज़िन्दगी से आज तक तूने लिया ही क्या है, ज़िन्दगी को आज तक तूने दिया ही क्या है

ज़िन्दगी से आज तक तूने लिया ही क्या है
कुछ लेने के लिए ज़िन्दगी को तूने दिया ही क्या है

ज़िन्दगी से आज तक तूने लिया ही क्या है,
कुछ लेने के लिए ज़िन्दगी को तूने दिया ही क्या है ..

जो पल है वो आज है ..
तू कल की फिक्र क्यों करता है .
उस अनजान कल के खौफ में ..
हर रोज़्ज़ मर मर के पलता है ..

सच तो ये है की गम के आंसू ..
हर किसी की आँख में आते है ..
कुछ चुप चाप पीते जाते है ..
कुछ पौंछ कर मुस्कुराते है ,.

अपनी हथैली की कारीगरी .
तुझे खुद को ही करनी है ..
झूठे है वे जो कहते है ..
लकीरें खुदबखुद बनती है ..

देख गौर से की जीत के लिए अपनी तूने किया ही क्या है .
और रखता है शिकायत खुदा से, के उसने दिया ही क्या है ..

ज़िन्दगी से आज तक तूने लिया ही क्या है,
कुछ लेने के लिए ज़िन्दगी को तूने दिया ही क्या है…

Yash Gupta
ygupta4992@gmail.com

4 Comments

  1. akshay jaitly 22/07/2015
  2. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 22/07/2015
    • yashGupta 22/07/2015
  3. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 23/07/2015

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