बुरा लगा था ःःःःः

हा` बुरा लगा था ,
जब मा ने घर छोडने को कहा !
हा बुरा लगा था उस दिन ,
जब बापू ने नाता तोडने को कहा !
बुरा लगा था ,
जब भाई स्टेशन तक छोड गया था !
बहुत बुरा लगा था,
जब मै दीदी का दिल तोड गया था !

पर क्या करते ?
हालात कुछ ऐसे ही थे !
बापू पढा लिखा के काबिल तो बना दिये थे !
पर मुझमे ही कमी थी ,
पढाई पूरी कर के मै घर पर ही बैथ गया था !
मै डरता था आज के जमाने से ,
साथ चलने से कतराता था !
बात करने से धबराता था !

मेरे बाबू जी चाहते थे ,
की मै भी जमाने के साथ चलू ,
अपना परिवार पाल सकू ,
पर मै डरता था ;
घर से निकालने मे !
अपनसे दूर रहने मे !
शायद मेरे मा बापू के पास और कोई रास्ता
नही होगा !!

पर अब तो मजबूरी थी ,
घर से भगाया गया था ,
पर इस के लिये नही की मुझसे कोई दुश्मनी थी ,
बल्की बापू मुझे जीने के लिये आत्मनिर्भर बनाना चाहते थे !

मेरे पास डिग्री के साथ कुछ पैसे भी थे !
इतना की ८-१० दिन का खाना खर्च चल जाता !
जो की दीदी ने चुपके से दिये थे !

आखिर आठ दस दिन की मेहनत के बाद ,
मुझे एक अच्छी नौकरी का मौका मिला ,

धन्य वो मा बाप ,
धन्य वो स्वपनो की नगरी मुम्बई ,
जिन्होने मुझे जीना सिखाया !
सर उठा के चलना सिखाया !
आज मै एक काबिल इन्जीनियर ,
और नेक दिल इन्सान बना हू !!!adhad aakakee eb atokahHa

One Response

  1. Ankita Anshu Ankita Anshu 20/07/2015

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