ऐसा अपना हिन्दुस्तान !

” आज फूलो ने महकाई ये सारी सरजमी ,
रन्गो से नहाया समा आसमान का !
पन्छी करते मधुर गान ,
तिरन्गे ने बढाया मान हिन्दुस्तान का ”

बालो मे माला गूथी
जो ज्म्मू का गजरा है !
पलको मे पली चन्डी
जहा हरियाणा का कजरा है !!

माथे पे बिन्दिया दिल्ली की
हाथो मे चुनरी यूपी की !
कानो के बाले गोवा के
कर्नाटक के पहने चूडी !!

महाराष्ट्र के कन्गन पहने
गले पे माला रान्ची का!
सिक्किम की फुलिया पहने
चहरा है हिमाचल का !!

इम्फाल एक भुजा
एमपी बसा है आन्चल मे !
गुजरात भुजा दूसरी
दिल उसका विन्ध्याचल मे !!

चरण कमल पे तमिल केरला
बना हुआ निर्मल मन का !
आशा की उम्मीद लगाये
पखार रहा है लन्का !!

बीन बजा कर चीन को
समय समय पर नचा रहे !
ढाका को ढक रखा ऐसे
धूप आन्च से बचा रहे !!

एक कन्धे पे उठा रखा
पाक और अफगान को !
निच्छल हो पाल रहे
नेपाल और भूटान को !!

भरा जौवन देख कर
ईरान भी हैरान है !
आन्ख फाड फाड कर
आज देखता जापान है !!

जो भी टकराया
उसने ठोकर खाया है !
गोरो को काले चोरो को
नन्गा नाच नचाया है !!

अमेरिका हो या ब्रिटेन
सब को यही पैगाम है !
जो भी आख दिखाई
अब उसका काम तमाम है !!

लोगो ने दुनिया जीती है
धार दार हथियारो से !
वही दिलो पे राज किये हम
बडे बडे सरदारो के !!

मेरी मौत पे महतम ना हो
कुछ ऐसा कर जाउगा !
पुनरजन्म की आश लिये
दुआ मागते जाउगा !!

जब भी पुनरजन्म हो
भाव भरी इस भूतल मे !
वही पुरानी कुटिया देना
बान्धवगढ के आन्चल मे !!

जहा सवेरा नमन करे
वतन पे मरने वालो को !
और सलामी शाम दे
देश के हर रखवालो को !!

जहा बना दिलो पे ताजमहल
होठो पे रस का फब्बारा !
जहा रगो पर बहती है
गन्गा की निर्मल धारा !!

कोमल मन से सनी हुई
यहा धरा ममतामयी है !
और इरादे ऐसे मानो
डट कर खडा हिमालय है!!

सीता सी मूरत नारी की
राम लखन हर गावो मे !
और फलक पल रहा जहा पर
रिषिकेष की छावो मे !!

नही चाहिये जन्नत का फल
ना चैनोआराम !
खुशहाली से भर दो भगवन
मेरा मुल्क तमाम !!

देश प्रेम से सिन्चित करती
शदियो तक शदियो शदी !
“अनुज” कलम को छूकर निकले
देश प्रेम की सोन नदी !!

Anuj Tiwari “indwar”

2 Comments

  1. Sukhmangal Singh sukhmangal singh 17/07/2015
  2. Hitesh Kumar Sharma Hitesh Kumar Sharma 17/07/2015

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