सच्चे अल्फाज ःःः

आज किसी के भी अल्फाजो मे ,
वो ताकत नही ?
जो ताज की खूबसूरती पे चढ ,
चीख-चीख के कह सके ,
की मै भी !
हा मै भी ,
अपनी प्रिये , अपनी बेगम के मकबरे को
तजमहल से भी सुन्दर बनबाऊगा !!