रेत पे नाम लिखा

रेत पे नाम लिखा व मिटा डाला उसने
मैं खिलौना था आखिर बता डाला उसने

पन्ने-पन्ने पे दिल की खूॅ से जज्बात भरा
वो मुहाबत का सारा खत जला डाला उसने

भरोसा जीतकर भरोसे का कत्ल कर डाला
झाॅसा प्यार का देकर खंजर चला डाला उसने

लो अब खुद को मिटा रहा हूॅ जहाॅ के रुबरु
क्ल सब कहेंगे इश्क में सर कटा डाला उसने

उसका मेरा नाम जमाने ने लिया है बहुत
अब इल्जाम उसी पे हो लहू बहा डाला उसने

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