आखिरकार हम तो इंसान हैं…..

ज़िन्दगी हमेशा हम सबको देती पैगाम है …
अच्छा हो या हो बुरा …
सब हमारे कर्मों का अंजाम है ….
वक़्त के इरादों को जानने में हम नाकाम हैं …
किस्मत की लकीरों से आज भी हम अनजान हैं …
फिर कहते हैं …
आखिरकार हम तो इंसान हैं …..
हर हमेशा गलती करके ,
आज भी हम बनते नादान हैं ….
”आज” को जीने में कम,
और “आने वाले कल ” की चिंता से परेशान हैं …
भाग्य में कुछ अच्छा हुआ ,
तो कोई खास बात नहीं …
पर कुछ बुरा हुआ तो “क्यूँ हुआ “??
इस बात से हैरान हैं ……..
फिर कहते हैं …
आखिरकार हम तो इंसान हैं …..
कहते हैं नारी हर घर की शान हैं …
फिर भी कई जगहों पर होता उनका अपमान है ….
कभी बोलते है नारी के लिए ,
हमारे दिल में बहुत सम्मान है …
तो कभी नारी के लिए ही हम बन जाते हैवान हैं ….
फिर कहते हैं …
आखिरकार हम तो इंसान हैं …….

(अंकिता आशू )

5 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari 12/07/2015
    • Ankita Anshu Ankita Anshu 17/07/2015
  2. ravi ranjan singh 13/07/2015
    • Ankita Anshu Ankita Anshu 17/07/2015
  3. Anderyas Anderyas 17/07/2015

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