मुंबई की बारिश

आया वर्षा का मौसम
मुंबई की बारिश का अजीब नजा़रा
नभ में छाए काले बादल
हवा से इधर-उधर जाते बादल
उमड़-उमड़ कर आए बादल,
बादलों की गड़गड़ाहट शुरू हुई
बिजली की कड़कड़ाहट शुरू हुई
भागो जल्दी छाता खोलो,
खिड़की दरवाज़े बंद करो
बूंद-बूंद गिरने लगी
मस्त हवा चलने लगी
अपनी मनमानी करने लगी
गरमी को भगाने लगी
कभी घनघोर बारिश कभी सूखा
भिखारी बैठा है भूखा
इस पार है गीली सड़क
उस पार है सूखी सड़क
ऐसा होती है मुंबई की बारिश
इसके आने का समय,
पेड़ों के हरषाने का समय
बच्चे झूम उठे
फुहारों से भीगने का मज़ा पाने लगे
कागज़ की नाव चलाने लगे
झमाझम पानी उछालने लगे
वह देखो आटो रूक गया
उधर देखो कारे पानी में फंस गई
रेल की पटरी में पानी भर गया
गाड़ियों की रफ़तार धीमी हो गई
यहाँ वहाँ फँसे लोग कहाँ विश्राम पाएँ
जाएँ तो कैसे जाएँ
सड़कें पानी से भरी दिखती नहीं
खड्डे पानी से भरे दिखते नहीं
बसों की कतार लग गई
स्कूल कालेज बंद हो गए
मछुआरे समुद्र किनारे बैठ गए
कोई फिसला कोई डूबा पानी में
किसी ने कूद कर किसी की जान बचाई
ज़ोरों से हवा का झोंका आया,
किसी झोंपड़ी की दीवार ढह गई
झोंपड़ी की छत टप-टप करने लगीl
आँखो से नींद उड़ने लगीl
ऐसी होती मुंबई की बारिश
बादल का काम है बरसना
पानी की बौछारें पड़ने लगी
नदी नाले उमड़ने लगे
समुद्र की तरगे उछलने लगी
सब कुछ ठप हुआ,
दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हुआ
अचानक सब कुछ रूक गया,
कितने पेड़ गिरे
कितने घर बह गए
लो बारिश रूक गई,
छिपे पशु-पक्षी बाहर निकले
कभी धूप कभी बरिश,
छाता खोलो छाता बंद करो
घर मे सूखा तो आफिस में बारिश
फिरसे बादल गरजा,
फिरसे बिजली चमकी
रिमझिम-रिमझिम बारिश का क्या कहना
चार महीने यही तमाशा
परदेसी न समझे यह तमाशा
ऐसी होती मुंबई की बारिश

सबकी आँखे टिकी आकाश पर
बारिश के जाने का समय आएगा
उमड़- घुमड़ कर बादल आएँगे
गरज-गरज कर फिर बिजली चमकेगी
बादलों की बौछार थम जाएगी
हवा का झोंका आएगा
बादलों को उड़ा ले जाएगा
चहल पहल फिर शुरू हो जाएगी
फिरसे भाग दौड़ शुरू होगी
अस्त-व्यस्त जीवन अपनी पटरी पर लौट आएगा
इंतज़ार होगा खुले आकाश में सूरज कब दिखेगा
अपनी धूप का उजाला फैलाएगा
मुंबई की वर्षा का मौसम समाप्त होगा
त्यौहारों का मौसम शुरू होगा
मुंबई की बारिश की विदाई होगी
जीवन में खुशियाँ ही खुशियाँ छा जाएँगी

One Response

  1. डी. के. निवातिया dknivatiya 09/07/2015

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