बेवफाई पर शायरी


हसीनाए तो हैं सम्मे की तरह
जो हम परवानो को लुभाती हैं
जो हद से ज्यादा इन्हे प्यार करे
ये अक्सर उन्ही को जलाती हैं


मेरी दिल की दुनिया को लूटने वाले
जा न तुझको दूजा कोई यार मिले
मिले तो वो ऐसा पत्थर दिल हो
कि तेरे ऑखो से लहू के धार गिरे


मेरे टूटे दिल की बस ये ही दुआ हैं
जा तुझे दिल की दुनिया आबाद मिले
मै जल भी जाऊ तो कोई गम न होगा
जो मेरी लपटो से तेरे घर चिराग जले


बहारो के आंगन मे मेरा भी आशियाना था
होठो पर मेरे भी कभी हसीं का खजाना था
पर जो चाहा तुझे ओ मेरे बेवफा
तो केसे इन हाथो मे ये जाम न आना था


इस दिल को तुझसे आज भी मुहाब्बत बहुत हैं
जिन्दगी से मुझे फिर भी चाहत बहुत हैं
पर समझना ये मत की खुश हू मैं तुम बिन
पर राहत के लिए तो वो तेरी पहली मुस्कुराहत बहुत हैं


ये अदाओ से अपने लुभाते रहेंगे
हंसा कर के फिर ये रूलाते रहेंगे
कर लो तौबा इन हसीनो से यारो
ये तो युही दिल के टुकड़े बनाते रहेंगे


दुनिया मे सभी खुशनसीब नही होते
सभी को मुहाब्बत नसीब नही होते
मुझे ऐहसास हैं अपनी खुशनसीबी का
वरना आप हमारे करीब नही होते


ये जग का दस्तूर है एैसा,की सब कुछ छूट जाता हैं
करो चाहे डूब के मुहाब्बत,पर अक्सर दिल टुट जाता हैं


गुजरे हुए जमाने की फरीयाद आज भी हैं
लव चुप है पर दिल मे कोई बात आज भी हैं
चाहता हू निभाना मै भी शिद्दत से बेवफाई
पर क्या करू इस दिल को तेरा ईंतजार आज भी हैं

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