आज का इन्सान- अरूण कुमार झा बिट्टू

ये आज के इन्सान हैं
ये सभ्य हैं समझदार हैं
ये बहुत ईमानदार हैं
पर जब जोखिम कम हो लाभ अधिक
तो ये बेईमानी के भी साथ हैं
ये आज………..
वैसे तो इनकी जहन मे भाईचारा बसता हैं
काबिल हर इन्सान का सम्मान नजर मे रहता हैं
पर जब हो बात नोकरी धन की
ये अपनो का ख्याल ही रखते हैं
ये……..
मुबारकबाद ये देते हैं
कोई आगे जो बढ जाए
होती हैं बहुत खुशी इनहे
जब कोइ मंजिल पाता हैं
वो इतना आगे न बढ जाए
की ये ही न उसे नजर आए
इसलिए ये थोड़ा थोड़ा
ईस्या का कर्म भी करते हैं
ये………
ये यातायात के हर नीयम बखूबी निभाते हैं
होते ही लाल बत्ती ये तुरन्त रूक जाते हैं
हो न जाए चूक कोई ये हर पल चौकस रहते हैं
क्योकी ये ट्राफिक के चालानो से डरते हैं
ये…….
ये हर बुराई से बचते हैं
ये हर पल सम्भल कर रहते हैं
हर लड़की है बहन जैसी
हर औरत को मॉ ये समझते हैं
किसी पराई नार पर बुरी नजर नही रखते हैं
क्योकी ये कानून के बेरहम डन्डे से डरते हैं
ये….

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