।।हाइकू।।तब के दिन।।

।।हाइकू।।तब के दिन।।

तब के दिन
कुछ धुंध निगाहे
आँख में पानी

प्रेम प्रभा वह
दीप्तिमान आँखों में
इंद्रधनुष सी

दो दिन बीता
संदेहो की आहट
रोज बुलाती

कह दू कैसे
बोझिल से लगते
अब के दिन

R.K.M

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