मेरी गुडिया (हाइकु)

जैसे चिडिया !
चहके हर पल,
मेरी गुडिया !1!

पन्ख फैलाये !
अरमानो के नभ,
वो उड जाए !२!

कवि – अनुज तिवरी

मैने पहली वार हाइकू लिखने का प्रयत्न किया है ! मेरा सभी रचनाकारो से निवेदन है कि मुझे सुझाव दे की ये रचना क्या एक वास्तविक हाइकु है !
मै आप सब की प्रतिक्रिया का आभारी रहूगा !