कन्या भ्रूण हत्या

क्यो तूने ऐसा काम किया
बनना था मुझको फूल अभी
बनने से पहले बिगार दिया
तेरी ही मैं संतान थी मॉ
तेरी ही लहू से बनी हुई
जीने की तमन्ना थी मेरी
पर तूने मुझको मार दिया
क्यो……….
क्या मेरी थी इसमे गल्ती
क्या मेरी खता थी इसमे मॉ
जो कुदरत ने बना कर बेटी
मुझे तेरी कोख मे डाल दिया
बस बेटी थी मै इसके लिए
तूने भी मुझको त्याग दिया
क्यो……….
मेरे भी तो कुछ अरमा थे
मेरे भी तो कुछ सपने थे
तेरी आंचल से लिपटू मैं
पाऊ मै तेरी ममता को
क्या मेरा हक नही था मॉ
क्यो तूने मुझसे छीन लिया
क्यो……….
खिलते हैं कैसे फूल यहा
कैसे सूरज चान्द और तारे हैं
कैसी हैं मॉ तेरी सूरत
कैसे पापा जी हमारे हैं
देखू मेरे ये अरमा थे
तूने डाल सहित ही काट दिया
क्यो……
विश्वास नही इस कलयुग मे
किसी भी रिस्ते नातो पर
ऊपर वाले ने कहा था मुझे
मॉ तुझको अकेला छोर कर
पर तूने उसके विश्वास को भी
टुकड़ो टुकड़ो मे बाट दिया
क्यो………..
रानी लछ्मी शानिया अपनी मैरी भी किसी की बेटी है
और जाने कितनी बेटी से भारत मॉ अपनी गर्वित है
इनको भी समझ कर बोझ अगर उस जननी ने मार दिया होता
तो कैसे इन हीरो की चमक सारी दुनिया मे खिला होता
फिर समझ कर क्यो एक बोझ तूने मेरे संग ही घात किया
क्यो……….

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