* अर्ज किय है *

अर्ज किया है फर्ज न भुलो
नमक और दुध का कर्ज न भुलो
भुलना है तो मर्ज को भुलो
अर्ज किया है फर्ज न भुलो

माता-पिता का प्रेम न भुलो
भुलना है तो राग और दुवेश को भुलो
अर्ज किया है फर्ज न भुलो

कर्त्वय और अधिकर न भुलो
भुलना है तो अहम और अभिमन को भुलो
अर्ज किया है फर्ज न भुलो

आसमा और फर्स न भुलो
भुलना है तो गर्त को भुलो
अर्ज किया है फर्ज न भुलो

सखा सम्बन्धि और समाज न भुलो
भुलना है तो सन्ताप को भुलो
अर्ज किया है फर्ज न भुलो

सत्यकर्म और सन्स्कार न भुलो
भुलना है तो कुमार्ग को भुलो
अर्ज किया है फर्ज न भुलो

सत्यसन्गत और सन्त न भुलो
भुलना है तो लोभ और मोह को भुलो
अर्ज किया है फर्ज न भुलो।

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