ज़िन्दगी और नाव ………

ज़िन्दगी और नाव ………

कभी रिश्ते बदलते हैं तो कभी हालात बदलता है ,
कभी इच्छाएं बदलती है तो कभी ज़ज्बात बदलता है |
वक़्त अच्छा हो या बुरा वो जरूर बदलता है ,
वक़्त ही हमें अपने और पराये में पहचान कराता है |
सर्द रात में ओस की बूंदे पतों पर गिरती है,
तो सुबह खिलखिलाती धूप उसे सुखाती है |
कभी तेज हवा कागज की नाव को गहराई तल तक डुबाती है ,
तो कभी वही हवा नाव की दिशा बदलकर उसे डूबने से बचाती है |
ज़िन्दगी भी मुझे एक नाव की तरह दिखाई देती है ,
जिस तरफ झोंका आया ,ज़िन्दगी उसी नाव की तरह दिशा बदल लेती है |
तेज लहरें हमारी परेशानी होती हैं ,जो आती है तो हमें झकझोर देतीं हैं|
शांत लहरें हमारी स्थिरता होती हैं ,जो हमें दिशा नहीं भटकने देतीं हैं |
ज़िन्दगी नाव और हम उसके नाविक होते हैं,
हवा की रुख से नाविक ज़िन्दगी को दिशा देने की कोशिश करता है|
उस कोशिश में कुछ नाविक ज़िन्दगी को किनारे तक पहुँचाते हैं ,
तो कुछ नाविक अपनी ज़िन्दगी के साथ डूब जातें हैं |

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