खत का जबाब आया है |

आज मेरे खत का जबाब आया है!
मेरे महबूब का मुझे आदाब आया है !
सुगन्ध खुशियो कि जीवन मे आयी ,
लिफाफे मे महकता गुलाब आया है !
आज मेरे खत का जबाब आया है !!

इल्तजा मेरी मेरा नश्रेब बन गई !
तहजीब मेरी , सुहानी तरकीब बन गई !
तसब्बुर के समन्दर से निकलता हुआ ,
मेरे दिल पे उठता हबाब छाया है !
आज मेरे खत का जबाब आया है !!

सुबह खूब्सूरत समा रन्गीन हो गया !
मेरा, महबूब से मिलना भी मुम्किन होगया !
आखो मे मदहोसी का आलम सा छाया,
मेरे दिलवर , मेरे हमदम का सबाब आया है !
आज मेरे खत का जबाब आया है !!

अनुज तिवारी

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