इंतजार एक आशा

इंतजार एक आशा

मेरे होंठों पे आज भी जो मुस्कान है
शायद वो तेरे साथ बीते उन लम्हों की पहचान है |
कब तक टिकेगी ये जिंदगी तेरी यादो के सहारे
जैसे कभी न मिलने वाले दो नदियों के किनारे |
पतझड़ के मौसम में कभी कभी फूल खिलते है
जमी और आसमाँ भी क्षितिज पे आके मिलते है
कई दिन महीने साल कई अरसे बीत गए
तू ना आया मिलने की हम जिए या मर गए
सोचता हु अब सारी आशाएं सारे सपने तोड़ दू
तुझसे मिलने की उम्मीद छोड़ दू
फिर भी सोचता हु शयद किसी दिन तेरे होंठ मेरे गीत गुनगुनाएगी
जब यादो की तस्वीर तेरे पलकों में समाएगी
और उठेगी लहर तेरे धड़कन की दिल में
तो तू भाग के मुझसे मिलने जरूर आएगी
आज़ा अब देर ना कर क्योकि वक़्त ने इस मोड़ पे ला खड़ा किया है
की अब कहने को कुछ बाकि ना रहा है
की आज मैं तुझसे क्या कहू
तू कल मिलने आए मै रहू ना रहू |
जिन्दा रहा तो तुझसे मिलने की वो घडी हसीन होगी
अगर मर गया तो मुस्कुरा देना
क्योकि मेरी आत्मा भी तेरी मुस्कराहट के आधीन होगी……………..

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