लावारिस —!!

लावारिस —
” किसी के अय्यासी का वो निशान
जो समाज से जीने की दवा मान्गता है !
जिसके जीने का कोई मक्शद न हो
जो जिन्दगी से मौतकी दुआ मान्गता है ”

खूब मजाक किया मुझ सन्ग , किस्मत के चान्द सितारो ने !
रुशवा कर के रख दिया , महफिल के मेरे यारो ने !
इतनी वारफ्तगी है , क्यू मै अनफास लेता हू ,
मुझे बेसूद बना दिया , मेरे ही गलियारो ने !!

मनहूस सा साया पीछे , मेरे अजदादो के नाम का !
क्यू सजा भोग रहा मै , उनके उस इल्जाम का !
कोई कहता गन्दा खून इन रगो मे है ,
कोई लावारिस,निकम्मा और कोई कहता हराम का !!

अब घुट-घुट के हर पल , मारा मेरी सासो ने !
कतरा-कतरा कर दिया ,इन जुल्मी अल्फाजो ने !
तरस आती है ! ऐ जालिम जिन्दगी तुझ पर ,
मझे क्यो पैदा किया , हुस्न के अय्यासो ने !!

In process

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