दुनिया रंग- बिरंगी

ये दुनिया रंग- बिरंगी है,
हर रंग बदलते देखा है,
गिरगिट से जल्दी,
इंसान बदलते देखा है,
दुःख का बोझ,
दुसरे पर डालकर,
खुशियाँ अपने अंदर,
समेटते देखा है,
मौसम करवट लेने में,
कुछ समय लेता है,
इंसान को दो पल में,
बदलते देखा है,
तुम हो ऊँचाईओं पर,
हर रिश्ता करीब देखा है,
गर नीचे आ गए,
हर रिश्ता बदलते देखा है,
ये दुनिया रंग –बिरंगी है,
हर रंग बदलते देखा है |

बी.शिवानी

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