गुडिया—-पार्ट २

==नन्ही गुडिया==
मीठी गोली की सी पुडिया !
वो नन्ही सी प्यारी गुडिया !!

नीरव आगन की किलकारी ,
वो नन्ही सी जान हमारी ,
दादी की आशाइसे,
दादा जी की राजदुलारी !

पावन मनभावन ये रैना ,
कितनी सुन्दर प्यारी है ना ,
खुशियो से किलकारी मारे
नीलू के आन्चल पे मैना !

वो बलखाकर कुछ हकलाकर ,
बाते करती जब तुतलाकर ,
बडा हसीन वो आन्गन अपना
जिसमे चलती वो लन्गडाकर !

मेरे घरौन्दे की एक चिडिया !
वो नन्ही सी प्यारी गुडिया !!

( अनुज तिवारी “इन्दवार” )

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