तुम्हारे लिए

बादलों तक विचरती

य’ पतंग

तुम्हारे लिए
दिल में हुलस-हुलस उठती

य’ तरंग

तुम्हारे लिए
मेरी देह

य’ सरग नसैनी

तुम्हारे लिए
मेरी आत्मा

य’ अगम बेचैनी

तुम्हारे लिए

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