मिलन आखिरी है…..

  • कोरे कागज पे लिखी ये ग़ज़ल आखिरी है !
    ना समझ यार के मेरा ये सफर आखिरी है !!

    आज नकारा है तूने जिस कदर मेरी वफ़ा को !
    ढूँढोगे एक दिन उस दर्द का असर आखिरी है !!

    कोई सम्भाले मुझे की वक़्त अब हो चला !
    इन डगमगाते कदमो की आहट आखिरी है !!

    आ खो जाए एक दूजे में हम कुछ इस कदर !
    न रहे ये गम की आज मुलाक़ात आखिरी है !!

    हम वो नही जो छोड़ दे साथ हाथ पकड़कर !
    करे अफ़सोस मौत भी की मिलन आखिरी है !!

    डी. के निवातियाँ __________!!!

2 Comments

  1. bimladhillon 24/05/2015
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/06/2015

Leave a Reply