— वीर —

हर कोने पर भूमनड्ल के ,
कहने को ऐसा कहते है !
जचता है सरताज उसी पर,
जो वीरो` को पैदा करते है !!

जिसकी औलाद फौलाद हो ,
बिगुल उसी का बजता है !
जो शेरो` सा साहस रखते है ,
सर ताज उन्ही के सजता है !!

सैयम साहस रखने वाला ,
गर सोच-विचार के काम करे !
कर्ज-कर्म ,धैर्य-धर्म
वीरो का जिन्दा नाम करे !!

वीर ,
जो धीर है , वो वीर है!
वीर ही बलवीर है !!

वो न देखता है छिपकर ,
न लडता है हतकर ,
टकराता है डटकर ,
मोह माया त्याग कर ,
गरीवो क ख्याल कर,
देखता है सन्सार भर ,

वह !
न टूटने वाला हथियार है ,
न फूतने वाली दीवार है ,
हिम्मतो का भन्डार है ,

अरे वीरो !
तुम सूरज हो गगन के ,
तुम रक्शक हो वतन के ,
तुम माली हो चमन के ,
तुम सन्सार के आधार हो ,
तुम मोतियो कि हार हो ,
तुम चेतना का विस्तार हो,

वही एक सच्चा फकीर है !
जो धीर है ,वो वीर है ,
वीर ही बलवीर है !!!JjoV

(Anuj Tiwari)

2 Comments

  1. rakesh kumar rakesh kumar 23/05/2015
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari 25/05/2015

Leave a Reply