मेरी इच्छा और तेरी ख्वाहिशे

मेरी इच्छा और तेरी ख्वाहिश ही
इस जिंदगी के मजहब और मकसद है
मेरी इच्छा और तेरी ख्वाहिश ही
इस जिंदगी के मजहब और मकसद है
ज़िन्दगी के गहरे रहस्य
इच्छा और ख्वाहिशो के बीच है
जिंदगी एक नाटक मंच है
इच्छा और ख्वाहिशो इसके चहेरे और पात्र है
पात्रो के बीच जिंदगी के रहस्य है
मन्नत तेरी, रूह मेरी
आशा और उम्मीद के मध्य
जिंदगी के झूलते पल है

2 Comments

  1. gyanipandit 22/05/2015
  2. navya 22/05/2015

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